कोई भी हो बोली, दिल से कहीं जाए.. तो सबको भाए!

कोई भी हो बोली, दिल से कहीं जाए.. तो सबको भाए!
जैसे बदलती है हवाएं सरहदों पर, गौर करे बदलते लिहजो पर!
जिसने जहां जनम लिया, वहीं की बोली को अपनाया,
सिर्फ दिल की धडकनों से, दुनिया से वह जुड़ पाया!

Poet: Kshipra Pedamkar
Instagram: @_word_veil_

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